परम्परागत कृषि विकास योजना (PKVY) क्या है?
परम्परागत कृषि विकास योजना (PKVY – “Paramparagat Krishi Vikas Yojana”) भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक प्रमुख योजना है, जो किसानों को जैविक खेती के लिए उत्पादन से लेकर विपणन तक पूरी सहायता (End-to-End Support) प्रदान करती है।
परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) भारत सरकार की एक प्रमुख स्कीम है, जिसके तहत किसानों को जैविक खेती के लिए ₹31,500 प्रति हेक्टेयर (3 वर्षों में) तक की सहायता मिलती है। इसका उद्देश्य रासायनिक रहित खेती को बढ़ावा देना और किसानों की आय बढ़ाना है।
कैसे आवेदन करें (Steps):
- PGS-India (pgsindia-ncof.gov.in) साइट पर जाएँ।
- ‘FPO Registration’ चुनें।
- क्लस्टर विवरण व किसान डेटा भरें।
- आवश्यक डॉक्यूमेंट अपलोड करें।
PKVY Full Form: Paramparagat Krishi Vikas Yojana
शुरू हुई: वर्ष 2015
चलती है: पीएम-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) के तहत
2025 में क्या नया है? (Latest PIB अपडेट – फरवरी 2025)
सरकारी अपडेट अनुसार (4 फरवरी 2025):
- अब केवल FPO (Farmer Producer Organisations) ही PKVY का हिस्सा बन सकते हैं
- योजना किसानों को End-to-End Support देती है:
1. उत्पादन
2. जैविक इनपुट (farm & off-farm)
3. प्रमाणीकरण (PGS)
4. ब्रांडिंग और विपणन
परम्परागत कृषि विकास योजना सब्सिडी 2025 – पूरी जानकारी
| उद्देश्य | सहायता (प्रति हेक्टेयर – 3 वर्षों तक) |
|---|---|
| जैविक इनपुट (Input Support via DBT) | ₹15,000 |
| मार्केटिंग, ब्रांडिंग | ₹4,500 |
| प्रमाणीकरण और अवशेष विश्लेषण | ₹3,000 |
| प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण | ₹9,000 |
| कुल सहायता | ₹31,500 |
कौन आवेदन कर सकता है?
- अब इसमें केवल FPOs / किसान समूहही आवेदन योग्य हैं
- व्यक्तिगत किसान सीधे आवेदन नहीं कर सकते
- आवेदन PGS-India पर होता है
PKVY योजना की उपलब्धियाँ (2015–2024)
👉 25.30 लाख से अधिक किसान जुड़े
👉 52,289 क्लस्टर बनाए गए
👉 14.99 लाख हेक्टेयर जमीन जैविक खेती में लायी गई
👉 9268 FPOs रजिस्टर हुए (31 Dec 2024 तक)
PKVY Guidelines in Hindi – क्या जरूरी है?
- क्लस्टर आधारित खेती (20 हेक्टेयर)
- देसी विधि अपनाना आवश्यक: गोमूत्र, जीवामृत, वर्मी कम्पोस्ट
- PGS India के तहत प्रमाणीकरण आवश्यक
- पूरी प्रक्रिया डिजिटल है
योजना का फोकस क्या है?
योजना का उद्देश्य है:
- किसानों को जैविक खेती की पूरी आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) से जोड़ना
- उन्हें सीधे बाजार तक पहुंच और अपनी फसल की ब्रांडिंग की मदद देना
- स्थानीय जैविक इनपुट को प्राथमिकता देना
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PKVY के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
उत्तर: PKVY भारत सरकार की एक योजना है जिसका उद्देश्य किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना उत्पादन, प्रोसेसिंग, प्रमाणीकरण और विपणन जैसे हर चरण में सहायता देती है।
उत्तर: PKVY योजना वर्ष 2015 में शुरू हुई थी, ताकि किसानों को क्लस्टर आधारित ऑर्गेनिक खेती के लिए प्रेरित किया जा सके।
उत्तर: योजना के तहत किसानों को कुल ₹31,500 प्रति हेक्टेयर (3 वर्षों में) की सहायता दी जाती है, जिसमें इनपुट, प्रमाणीकरण, मार्केटिंग और ट्रेनिंग शामिल हैं।
उत्तर: अब आवेदन केवल FPO (Farmer Producer Organisations) या रजिस्टर्ड किसान समूहों द्वारा किया जा सकता है। व्यक्तिगत किसान सीधे इस योजना का हिस्सा नहीं बन सकते।
उत्तर: आवेदन के लिए जाएं 👉 PGS-India यहां से किसान समूह या FPO लॉगइन करके क्लस्टर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
उत्तर: PKVY का फुल फॉर्म “परम्परागत कृषि विकास योजना” है। यह योजना किसानों को जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी देती है।
उत्तर: योजना के लिए किसानों को क्लस्टर में शामिल होकर, देसी इनपुट का उपयोग कर PGS प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य है।
उत्तर: PGS-India
उत्तर: हां, और 2025 में इसे FPO फोकस्ड स्कीम के रूप में अपडेट किया गया है। यह योजना सरकार की सक्रिय गाइडलाइन के अनुसार चल रही है।